5 मुख्य प्राणायाम के फायदे और इसे कैसे करें || Top 5 Pranayama and it's benefits in hindi ||

5 मुख्य प्राणायाम के फायदे और इसे कैसे करें || Top 5 Pranayama and it’s benefits in hindi ||

आज के इस लेख में हम आपको 5 मुख्य प्राणायाम के फायदे और इसे कैसे करें || Top 5 Pranayama and it’s benefits in hindi ||के बारे में बताने जा रहे है,जो आपकी इम्यूनिटी बढ़ा देंगे आपको मानसिक और शारीरिक तौर पे स्वस्थ बनाएंगे।

इस कोरोना वायरस महामारी के दौरान ऐसा कौन होगा जो स्वस्थ नहीं रहना चाहता, लगभग सभी लोग चाहते हैं कि उनकी immunity मजबूत बनी रहे जिससे उन्हें किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या ना हो।

प्राणायाम अष्ठांग योग यानी कि योग के आठ अंगों जैसे यम, नियम,आसान,प्राणायाम,प्रत्याहार,धारणा, ध्यान और समाधि में से एक है।

प्राणायाम एक अभ्यास है, जो आपकी सांसों को नियंत्रित करता है, प्राणायाम की सहायता से कोई भी व्यक्ति अपने शरीर में जीवन ऊर्जा को नियंत्रित करके स्वस्थ तन और मन की प्राप्ति कर सकता है।

इसलिए आप हमारे द्वारा बताए गए Benefits of Top 5 Best Pranayama जिसे Daily करेंं  और अपनी इम्यूनिटी बढ़ाएंं

5 मुख्य प्राणायाम के फायदे और इसे कैसे करें || Top 5 Pranayama and it's benefits in hindi || 5 मुख्य प्राणायाम के फायदे और इसे कैसे करें | Top 5 Pranayama and it’s benefits in hindi |

प्राणायाम क्या है?

प्राणायाम एक संस्कृत शब्द है जो 2 शब्दों प्राण और आयाम से मिलकर बना हुआ है। प्राणायाम योग विज्ञान से संबंधित है,

प्राणायाम का मतलब योग क्रिया के द्वारा अपने प्राण यानी कि सांसो को नियंत्रित करना होता है।नियंत्रित करने का मतलब छोटा करना कतई नही है,यहां आयाम करना यानी कि विस्तार करना,प्राण का विस्तार करना यही प्राणायाम है।

जो व्यक्ति ज्यादा शारीरिक रूप से एक्टिव नहीं रहता है उसकी सांसें ज्यादा मजबूत और नियंत्रित नहीं रहती हैं, ऐसे लोगों के लिए प्राणायाम बहुत ही लाभदायक है।

प्राणायाम एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें गहरी सांसो को खींचने पर जोर दिया जाता है, और गहरी सांस लेने और छोड़ने के साथ शरीर में सांस को रोकना भी होता है, सांस को रोकने से शरीर की ऊर्जा बढ़ती है, और पूरे शरीर में वितरित होती है।

5 मुख्य प्राणायाम और इसके फायदे || Benefits of Top 5 Pranayama ||

यहां पर हमने उन पांच ऐसे प्राणायाम के नाम बताए हैं, जिन्हें अगर आप रोजाना करते हैं, तो आप की immunity बढ़ जाएगी और जब तक आप यह प्राणायाम करेंगे आप स्वस्थ रहेंगे।

  1. भास्त्रिका प्राणायाम

  2. अनुलोम विलोम प्राणायाम

  3. कपालभाति प्राणायाम

  4. भ्रामरी प्राणायाम

  5. ओंकार प्राणायाम

भास्त्रिका प्राणायाम (Bhastrika Pranayama) क्या है?

भास्त्रिका प्राणायाम सांस लेने का एक शक्तिशाली योगाभ्यास है। यह प्राणायाम आपके नाड़ियों नाक और साइनस को साफ रखकर आपके फेफड़ों को मजबूत बनाता है और गहरी सांस लेने के लिए तैयार रखता है।

अगर आप कभी सुस्त महसूस करें तो चाय या काफी पीने के बजाय भास्त्रिका प्राणायाम का उपयोग कर सकते हैं।

भस्त्रिका प्राणायाम कैसे करें?

  1. भस्त्रिका प्राणायाम करने के लिए सबसे पहले अपनी पीठ को सीधी रखकर साफ सुधरी जगह पर बैठे।
  2. उसके बाद अपनी नाक से गहरी गहरी सांस लें और जितना हो सके फेफड़ों में सांस को भरें और ठीक इसी प्रकार सांस को बाहर की ओर छोड़ें। शुरुआत में ऐसा कुछ बार करें, जिससे आपका दिमाग प्राणायाम के लिए तैयार हो जाए।
  3. अब अपनी नाक से सांसों को तेजी के साथ बाहर निकालना शुरू करें और ठीक इसी प्रकार सांस को अंदर की ओर ले।
  4. इस बात का ध्यान रखें कि सांस लेते समय आपका पेट अंदर और बाहर आना चाहिए बाकी शरीर स्थिर रहना चाहिए।
  5. भस्त्रिका प्राणायाम का पूर्ण रूप से लाभ लेने के लिए रोजाना इसे तीन बार करें।

भस्त्रिका प्राणायाम के लाभ क्या है?

  1. भस्त्रिका प्राणायाम आपके शरीर से एलर्जी आदि को दूर करके आपके दिमाग को शांत रखता है।
  2. यह प्राणायाम आपके फेफड़ों को मजबूत बनाता है जिससे अस्थमा से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।
  3. भस्त्रिका प्राणायाम आपकी सांसों को शुद्ध रखता है और हृदय रोग में सुधार करता है।
  4. भस्त्रिका प्राणायाम आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाता है जिससे आप सामान्य सर्दी-जुकाम की बीमारी से बच सकते हैं।

अनुलोम विलोम (Anulom vilom) प्राणायाम क्या है?

अनुलोम विलोम प्राणायाम एक ऐसी प्रक्रिया है जिसकी सहायता से आप अपने शरीर की नाड़ियों को साफ रख सकते हैं।

इसमें में वैकल्पिक नासिका को चुनकर दाएं और बाएं नाक़ की नासिका को साफ सुधरा और उत्तेजित करके संतुलित बनाया जाता है।

अनुलोम विलोम प्राणायाम कैसे करें?

  • सबसे पहले वज्रासन या पद्मासन आदि में से किसी एक मुद्रा में आसन करके बैठ जाएं।
  • उसके बाद अपनी बाईं हथेली को अपने बाएं घुटने पर रखें और इसे ज्ञान मुद्रा में ऊपर की ओर होने दें।
  • फिर अपना दाहिना हाथ उठाएं और अपने दाहिने अंगूठे को अपने दाहिने नथुने के किनारे पर रखें। अपने बाएं नथुने से गहरी, धीरे धीरे श्वास को अंदर की ओर लें।
  • फिर सांस अंदर लेने के बाद अपने दाहिने हाथ की छोटी उंगली को अपने बाएं नथुने के किनारे दबाएं। अपने दाहिने नथुने से धीरे-धीरे साँस छोड़ें।
  • उसके बाद अपने दाहिने नथुने के किनारे को अपने दाहिने अंगूठे से दबाएं और अपने बाएं नथुने से साँस छोड़ें, इस प्रकार अनुलोम विलोम का एक राउंड पूरा होता है।
  • शुरुआती समय में इसे 5 बार ही करें उसके बाद आप अपनी सुविधा अनुसार 5 से अधिक राउंड कर सकते हैं।

अनुलोम विलोम प्राणायाम के लाभ क्या है?

  1. अनुलोम विलोम प्राणायाम आपके चपापचय को संतुलित रखकर मधुमेह को नियंत्रित करता है।
  2. यह प्राणायाम संपूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ाकर इम्युनिटी बढ़ाता है।
  3. यह एलर्जी और अस्थमा को ठीक करने में मदद कर सकता है।
  4. यह गठिया और साइनसाइटिस रोग को नियंत्रित करता है।

कपालभाति (Kapalbhati) प्राणायाम क्या है?

कपालभाति प्राणायाम सांस लेने का एक ऐसा तरीका है जिसका रोजाना अभ्यास करने से दिमाग शांत होता है और बुद्धि का विकास होता है। कपालभाति प्राणायाम करने से शरीर के अंदर से दूषित हवाओं को बाहर निकालने में मदद मिलती है।

कपालभाति प्राणायाम कैसे करें?

  • सबसे पहले सुखासन में बैठ जाएं और अपनी हथेलियों को अपने घुटनों पर रखें और इसके साथ ही अपने पेट के क्षेत्र पर ध्यान दें।
  • फिर अपनी नाक से गहरी गहरी सांस लें और अपने फेफड़ों को हवा से भरें। यह प्राणायाम करते समय कृपया शांति से और होशपूर्वक सांस लें।
  • उसके बाद अपने पेट को अपनी रीढ़ की ओर खींचे और अपना हाथ पेट पर रखें और फिर महसूस करें कि जैसे मांसपेशियां सिकुड़ रही हैं।
  • फिर उसके बाद तेजी के साथ एक ही बार में सांस को बाहर की ओर छोड़ें, ऐसा करते वक्त आपको ही हिशिंग की आवाज महसूस होगी।
  • शुरू में कपालभाति के एक राउंड का अभ्यास करें, जिसमें आपको 20 बार सांस अंदर लेना और बाहर छोड़ना शामिल है।

कपालभाति प्राणायाम के लाभ क्या है?

कपालभाति प्राणायाम आपके दिमाग को शांत रखता है ।

यह प्राणायाम रोजाना करने के आपके लीवर और किडनी की कार्यप्रणाली सही रूप से कार्य करती है।

यह आपके पेट को ठीक रखता है और एसिडिटी तथा कर्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है।

कपालभाति प्राणायाम आंखों के तनाव को कम कर के काले घेरे से छुटकारा दिलाता है।

कपालभाति प्राणायाम रोजाना करने सेएकाग्रता और स्मरण शक्ति में बढ़ोतरी होती है।

भ्रामरी (Bhramari) प्राणायाम क्या है?

भ्रामरी प्राणायाम सांस लेने का एक ऐसा तरीका है, जो बहुत ही तेजी के साथ तनाव को दूर कर सकता है। भ्रामरी प्राणायाम का नाम एक भारतीय मधुमक्खी के नाम पर रखा गया है।

भ्रामरी प्राणायाम कैसे करें?

  • इसके लिए सबसे पहले अपनी सुविधानुसार किसी आसन में बैठ जाएं और अपने शरीर को नियंत्रण में रखें।
  • उसके बाद अपनी आंखों को बंद करके अपनी तर्जनी उंगली नाक और कान के बीच रखें।
  • अब गहरी सांस लें और जब सांस छोड़ने की बारी आई तो अपनी तर्जनी से cartilage को दबाएं और मधुमक्खी की तरह गुनगुनाती आवाज करें।
  • इसी प्रकार इस प्रक्रिया को दो बार करें तब आपका एक राउंड पूरा होता है।

भ्रामरी प्राणायाम के लाभ क्या है?

  1. भ्रामरी प्राणायाम क्रोध और चिंता को कम करके उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) को कम करता है।
  2. यह माइग्रेन को कम करता है।
  3. गले की समस्याओं को दूर करता है और आपकी आवाज साफ रखता है।
  4. अल्जाइमर रोग में मददगार है।

ओंकार (Omkar) नाद

ओंकार नाद में ओम अक्षर का उच्चारण किया जाता है, जिससे यह आपके तन और मन को शुद्ध रखता है और शरीर में शुद्ध ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाता है।

ओंकार नाद उच्चारण कैसे करें?

  • सबसे पहले किसी साफ-सुथरी जगह पर अपनी सुविधानुसार सुखासन या पद्मासन में बैठ जाएं।
  • उसके बाद शांति से आंख बंद करके अपनी सारी इंद्रियों को काबू करें।
  • तत्पश्चात दो से तीन बार गहरी सांस लें और उन्हें जल्दी से बाहर की ओर छोड़ दें।
  • फिर साँस को बिना रोके अपना मुंह खोलकर कंठ से स्पंदन हो, इस तरह ओंकार का उच्चारण करें।

ओंकार प्राणायाम करते समय ओम का दीर्घ उच्चारण करना चाहिए, शुरुआत में यह नहीं हो पाता है लेकिन अभ्यास करते रहने पर आप इसे आराम से करने लगेंगे।

ओंकार प्राणायाम के लाभ क्या है?

  1. रोजाना ओंकार प्राणायाम करने से समस्त इंद्रियों पर काबू करने में मदद मिलती है और तनाव से मुक्ति प्राप्त होती है।
  2. इसके रोजाना अभ्यास से बुद्धि और स्मरण शक्ति में विकास होता है।
  3. शरीर हमेशा ऊर्जावान रहता है।

Conclusion

हम आशा करते हैं आपको हमारी यह पोस्ट

“5 मुख्य प्राणायाम के फायदे और इसे कैसे करें”

“Benefits of Top 5 Best Pranayama” पसंद आई होगी और हमें पूरा विश्वास है, कि अगर आप हमारे द्वारा बताए गए 5 प्राणायाम को Daily करेंगे तो आप स्वस्थ रहेंगे।

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यदि आपके मन में इस पोस्ट से संबंधित कोई प्रश्न हो तो नीचे कमेंट के माध्यम से अवश्य पूछे हम आपके द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर अवश्य देंगे धन्यवाद…

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