टोनर और ऐस्ट्रिंजेंट में फर्क पहचाने || Difference between toner and estringent

Difference between toner and estringent- हमेशा से ब्यूटीएक्सपर्ट्स क्लिनसिंग-टोनिंग-मॉइश्चराइज़िंग पे जोर देते आएं है,और आज कल ये हमारी स्किनकेअर का अहम हिस्सा बन चुका हैै,और उस वक्त टोनिंग के लिए एस्ट्रिंजेंट का उपयोग होता था आज कल एस्ट्रिंजेंट की जगह अल्कोहल फ्री टोनर ने ली है अब हम सोचेंगे कि भला टोनर और ऐस्ट्रिंजेंट में फर्क कैसे पहचाने?

अब….जब ये क्लिनसिंग-टोनिंग-मॉइश्चराइज़िंग का रूटीन कुछ सालों से चला आ रहा है,जब उस वक्त हमारे पास क्लींजिंग के लिए साबुन की टिकिया के सिवा और कोई विकल्प नही था,और मॉइश्चराइज़िंग के लिए कोल्ड क्रीम ही था।और कोल्ड क्रीम वाले चहरे को साबुन से धोने के बाद भी कुछ चिकनाहट छूट जाती थी तो उसे हटाने के लिए एस्ट्रिंजेंट का उपयोग होता था।

आज कल एक तरफ तो मार्किट में क्लींजिंग के लिए एक से एक अच्छे क्लीन्ज़र, फेस -वॉश मौजूद है,जो चहेरे की त्वचा को डीपली क्लिन्स तो करता ही है,और साथ में त्वचा का ph बैलैंस भी मेन्टेन रखता है।

तो दूसरी ओर पहले वाले ऐस्ट्रिंजेंट की जगह पर स्मार्ट टोनर्स आ गए है,जो त्वचा की ph स्तर का लेवल मेंटेन करने के साथ साथ त्वचा को पोषण भी देता है।तो आईए देखते है,क्या है,फेस टोनर और ऐस्ट्रिंजेंट में क्या फर्क है?

Difference between toner and estringent – टोनर और ऐस्ट्रिंजेंट में फर्क

टोनर्स क्या है (what is face toner):-

टोनर लिक्विड फॉर्म में आने वाला वॉटर बेस्ड स्किनकेयर प्रोडक्ट है,ये त्वचा को मेकअप ,हैवी सनस्क्रीन, और गंदगी, जो फेस वॉश करने के बाद भी कुछ छूट जाती है उसे अच्छे से साफ करने के साथ साथ त्वचा को पोषण देने वाले तत्वों जैसे ग्लिसरीन,अलोएवेरा,रोझ वॉटर,और फूलों के अर्क,व विटामिन-सी जैसे नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट, और एन्टी एजिंग इंग्रेडिएंट्स से त्वचा को हैल्धि बनाता है।

टोनर के फायदे (benefits of toner ):-

  • क्लींजिंग के दौरान अगर कुछ अशुद्धियाँ छूट जाती है तो उसे अच्छी तरह से साफ करना…यानी कि, चहेरे की डीप क्लींजिंग करना, खुले ओपन पोर्स (रोमछिद्रों) को सिकुड़ना ,त्वचा को टाइट करना।
  • त्वचा की क्लींजिंग के दौरान नेचुरल ऑयल धूल जाने से त्वचा ड्राई और खिंची खिंची लगती है और सुखी त्वचा पे इन्फेक्शन का ज्यादा खतरा रहता है,तब टोनर, त्वचा का ph बैलेंस को मेन्टेन करके, त्वचा की नमी को लॉक करता है,ड्राई होने से बचाता है,और त्वचा को पोषण देता है,
  • टोनिंग के बाद स्किन केअर रूटीन मैं लगाए जाने वाले प्रोडक्ट को त्वचा में बेहतर तरीके से अब्सॉर्ब कर पाये इसके लिए त्वचा को तैयार करता है।
  • त्वचा को नम, ग्लोइंग और फर्म बनाता है,इस तरह से यह एंटीएजिंग का काम करता है।
  • ऑल टाइप स्किन के लोग इसे यूज़ कर सकते है।

जबकि, एस्ट्रिंजेंट क्या है/ what is astringent:-

हालांकि यह भी वॉटर बेस्ड स्किनकेयर प्रोडक्ट है,इसका काम भी त्वचा को साफ करना ही है,मगर ये त्वचा के एक्स्ट्रा ऑयल को साफ करके ,त्वचा को ड्राई बनाता है,ओपन पोर्स को कम करता है और ये टोनर से ज्यादा स्ट्रोंग होता है। इसका मुख्य इंग्रेडिएंट् अल्कोहोल होता है। हालांकि सभी अस्ट्रिंजेंट्स में अल्कोहोल नही होता,किसी किसी एस्ट्रिंजेंट्स में सेलिसिलिक एसिड,ग्लायकोलिक एसिड जैसे तत्व होते है जो एक्ने और पिम्पल्स को हटाने में उपयोगी होते है।

ऐस्ट्रिंजेंट के फायदे:- Difference between toner and estringent

  • ऐस्ट्रिंजेंट खुले रोमछिद्रों को सिकुड़ता है, त्वचा का एक्स्ट्रा ऑइल साफ करता है,इससे ph लेवल बैलेंस होता है,त्वचा साफ,ओइलफ्री,होने से पिम्पल्स, एक्ने की परेशानि से छुटकारा मिलता है।
  • तो अगर आपकी त्वचा अत्यधिक ऑइली है तो ऐस्ट्रिंजेंट जरूर इस्तेमाल करें।
  • ड्राई स्किन वाले इसे बिलकुल यूज ना करें।

आज काल एस्ट्रिंजेंट्स के मुकाबले टोनर्स ज्यादा प्रचलन में है,और ब्यूटी एक्सपर्टस भी टोनर्स को ही ज्यादा रिकमेंड करते है।

दोनों के लगाने के तरीके एक समान ही है,तो आइए देखते है इसे लगाने का सही तरीका ।

टोनर/ऐस्ट्रिंजेंट लगाने का सही तरीका:- Difference between toner and estringent

  • टोनर/ऐस्ट्रिंजेंट स्किन केअर पायदान में दूसरे क्रम में आते है।ये क्लींजिंग के बाद में और मॉइस्चराइसिंग के पहले लगाया जाता है।
  • सबसे पहले त्वचा को अच्छे से क्लीन्ज़र/फेस वॉश से साफ करें।
  • फिर कॉटन पेड़ में कुछ बूंदे टोनर/ऐस्ट्रिंजेंट की ले,और पूरे चहरे और गर्दन पे हल्के हाथों से वाईप करें।आंखों के आसपास और होंठों के हिस्से को छोड़कर लगाएँ।कोई कोई टोनर्स स्प्रे बोतल में भी आता है तो इस चहरे से कुछ दूरी से स्प्रे करके छिड़कना होता है,मगर स्वाइप अप टोनर/ऐस्ट्रिंजेंट लगाना ज्यादा बेहतर है ताकि स्वाईपिंग से त्वचा की अच्छेसे सफाई हो पाएं।
  • अगर आपको स्प्रे लगाने बाद कि ताज़गी पसंन्द हो तो आप स्वाईपिंग टोनर/ऐस्ट्रिंजेंट लगाने के बाद अच्छा सा फेस मिस्ट भी लगा सकते हो,जो आपको ताज़गी के साथ साथ त्वचा को अतिरिक्त पोषण भी देगा।
  • टोनर/ऐस्ट्रिंजेंट लगाने के बाद चहेरे को एक दो मिनिट सूखने दें,और हल्की सी गीली त्वचा पे मोइश्चराजर या फेस सिरम लगाएँ।रोज सुबह और रात को दोनों वक्त इस तरह टोनर/ऐस्ट्रिंजेंट लगाएँ।

और पढ़े-यंगर लुकिंग स्किन

आइए देखते है उदाहरण के तौर पे बेस्ट टोनर्स और ऐस्ट्रिंजेंट के लिस्ट में कोन कोन से ब्रांड शामिल है।

  • ऑइली और कॉम्बिनेशन स्किन के लिए:-Biotique Bio Cucumbers Pore Tightening Toner
  • ऑयली स्किन:-Plum Green Tea Alcohol Free Toner
  • ड्राई और नार्मल स्किन:-UrbanBotanics Natural Rose Toner
  •  सेंसिटिव स्किन:-Re’Equill Pore Refining Face Toner
  • फ़ॉर आल स्किन टाइप:- Wow lavender And Rose Skin Mist Toner

आशा है आपको अब टोनर और ऐस्ट्रिंजेंट में फर्क केे बारे में सब जानकारी मिल गई होगी और दोनों के उपयोग और फायदे भी पता चल गया होगा अगर आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा तो इसे शेयर जरूर कीजिए और कोई प्रश्न है तो कमेंट में जरूर लिखिए।

 

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